किसान संगोष्ठी एवं मृदा परीक्षण अभियान कार्यक्रम का आयोजन !

उत्तर प्रदेश : गोरखपुर

24 अप्रैल 2026 : भरोहिया ब्लाक क्षेत्र अंतर्गत ग्राम राखूखोर में कृभको प्रतिनिधि रवि प्रकाश यादव द्वारा पीएम प्रणाम किसान संगोष्ठी के बैनर तले एक किसान संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राम सूरत (गोरखपुर इनवायरमेंट एक्शन ग्रुप) एवं प्रधान प्रतिनिधि रहे। इस गोष्ठी में क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान श्री मती कोयला देवी उपस्थित रही जिनको मॉडल किसान भी कहा जाता है । कोयला देवी ने वैज्ञानिक खेती तकनीक अपनाकर गेहूं की बंपर पैदावार हासिल की है। उन्होंने महज 4 डिसमिल (लगभग 266 वर्ग मीटर) के छोटे से खेत में करण वंदना प्रजाति का गेहूं उगाकर 220 किलो की रिकॉर्ड उपज प्राप्त की। गूगल पर सर्च किया जा सकता है।

प्रमुख चर्चा:-

आधुनिक एवं जैविक खेती: किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ जैविक खेती अपनाने और संतुलित मात्रा में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग की सलाह दी गई। कृभको उत्पाद: उन्नत खेती का आधार, किसानों को पैदावार बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए कृभको के उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के बारे में बताया गया| कृभको जैव-उर्वरक (Bio-Fertilizers): मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की वृद्धि के लिए तरल जैव उर्वरक जैसे कल्चर के प्रयोग की जानकारी दी गई। विशिष्ट खाद: संतुलित पोषण के लिए कृभको डीएपी (DAP), कृभको नीम लेपित यूरिया और कंपोस्ट खाद के सही अनुपात में उपयोग पर चर्चा की गई। कृभको जिंक सल्फेट, राइजोसुपर, सिवारिका,सूक्ष्म पोषक तत्व इत्यादि का प्रयोग पर भी ध्यान आकर्षित किया गया।फार्मर रजिस्ट्री: भविष्य में उर्वरकों की उपलब्धता और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ की अनिवार्यता पर जोर दिया गया।मृदा परीक्षण: मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए मृदा नमूना लेने की सही विधि और परीक्षण के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

भीषण गर्मी एवं गर्म हवाओं (लू) से बचाव के सुझाव:-

वर्तमान में बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं को देखते हुए किसानों को निम्नलिखित सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई। फसल सुरक्षा खड़ी फसलों में नमी बनाए रखने के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करें। मल्चिंग (नमी बचाने के लिए ढकना) का प्रयोग करें ताकि मिट्टी से पानी का वाष्पीकरण कम हो। व्यक्तिगत सुरक्षा दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सीधे धूप में कार्य करने से बचें। खेत में जाते समय सिर को गीले कपड़े या हैट से ढकें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। पशुधन की देखभाल पशुओं को ठंडे व छायादार स्थानों पर बांधें और उन्हें दिन में कम से कम 3-4 बार साफ पानी पिलाएं।ग्राम प्रधान और कृभको प्रतिनिधि ने किसानों के उज्जवल भविष्य और बेहतर उत्पादन की कामना की कृभको प्रतिनिधि रवि प्रकाश यादव द्वारा कार्यक्रम में आए सभी किसान बंधुओं के प्रति आभार प्रकट किया गया।

तहसील ब्यूरो चीफ कैम्पियरगंज दुष्यंत लाल श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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