उत्तर प्रदेश : मिर्जापुर (चुनार)
24 अक्टूबर 2025 : चुनार मिर्जापुर।क्षेत्र के बधवां ग्राम मे चार दीवसीय रामकथा के प्रथम दिन बनारस से आए हुये व्यास श्री रामचन्द्र मिश्र ने मानस की विवेचना से पूर्व मानसकार तुलसीदास जी के जटिल और कष्ट कारी जीवन की व्याख्या श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत की । इसमें उन्होंने बताया कि कैसे रामबोला तुलसीदास बने । रामको गुलाम, नाम रामबोला राख्यो राम दो चार बार राम का नाम ले लेने के कारण लोगों ने उनका नाम रामबोला रख दिया । लेकिन माता जानकी की उन पर ऐसी कृपा हुई कि नाम तुलसीदास हो गया – नाम लै भरै उदर एक प्रभु-दासी-दास कहाइ उन्होंने कहा कि भक्ति की कृपा से मुझे निर्मल मति मिली । क्योकि संभु प्रसाद सुमति हिय तुलसी भगवान शिव जी की कृपा प्रसाद से सुमति तो पहले ही मिल चुकी थी । लेकिन इससे तो सम्पत्ति मिलती है न कि निर्मल मति । जहां सुमति तह सम्पति नाना भक्ति तो माता जानकी से प्राप्त होती है – जब वो जीव को निर्मल बुद्धि प्रदान करती हैं । तो तुलसीदास जी के आराध्य बने प्रभु श्री राम, आदर्श बने श्री भरत जी और वो भक्त बने माता जानकी के आशीर्वाद से । यह तुलसी के मानस की विशेषता है । किन्तु यह सब कुछ की प्राप्ति के पीछे उनके जीवन में हाथ एक स्त्री का था जिन्होने उनको प्रेम रस का स्वाद चखाया कहैं एक रघुनाथ संग बांध जटा सिर केस । तुलसी चाखा प्रेमरस पत्नी के उपदेस ।। और यही उपदेश अन्ततोगत्वा उनको समत्व योग मे प्रतिष्ठित कर दिया – तुलसी ममता राम सो समता सब संसार । सबमे सम भाव रखते हुए एकमात्र राम से ममता रखने वाले तुलसीदास का जीवन तमाम कष्टों को झेलकर भी धन्य हुआ ऐसा कहा जा सकता है । तत्पश्चात् ब्रह्म और उसकी शक्ति का विवेचन किया । इसको प्रमाण सहित तुलसीदास जी के रामचरितमानस से उद्घाटित किया कि दोनों एक साथ अवतरित होते हैं और सदैव साथ ही रहते हैं। कभी अलग नहीं होते है । यदि जीवन में धन्यता अथवा कृतकृत्यता का आप अनुभव करना चाहते हैं तुलसी के मानस का बार बार अनुशीलन-अनुकरण कीजिए, यह आज के कथा का अंतिम सार था । जवाहिर उपाध्याय, के.के. सर, माताप्रसाद दूबे, रामजियावन पाल ज्ञानधर शुक्ल आदि ने कथा-रस-पान का आनंद उठाया ।स्टेट को-ऑर्डिनेटर उत्तर प्रदेश गोपीनाथ मिश्रा की रिपोर्ट

*महत्वपूर्ण सूचना* 📢
*”स्वर विद्रोह टाइम्स”* का व्हाट्सएप पर अधिकृत चैनल उपलब्ध है, चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर फॉलो करे –
https://whatsapp.com/channel/0029Va9Ll505q08WpNIJyB2G
*”भारत संरक्षण पार्टी (PIP)”* के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करे –*
https://chat.whatsapp.com/D7G2VrWYHin3abyqi0NsUM




