आठ माह तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद हारी सांसें, मासूम बेटी आर्या के सिर से उठा पिता का साया !
उत्तर प्रदेश : महराजगंज
13 अगस्त 2026 : रोजी-रोटी कमाने और परिवार का भविष्य संवारने सऊदी अरब गए बागापार निवासी राजगीर मिस्त्री अनिल वर्मा की मौत के बाद उनका शव गुरुवार सुबह ताबूत में गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया और अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। बताया गया कि करीब आठ माह पहले सऊदी अरब में निर्माण कार्य के दौरान मचान से गिरने से अनिल वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद उनका वहीं इलाज चल रहा था। परिजन और ग्रामीण लगातार उनके स्वस्थ होकर घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन सोमवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। गुरुवार सुबह जब अनिल का शव ताबूत में उनके पैतृक गांव पहुंचा तो पत्नी सीमा वर्मा और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मासूम बेटी आर्या पिता के शव को देखकर फूट-फूटकर रोती रही। उसकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अनिल अपने पीछे पत्नी, मासूम बेटी और माता-पिता समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिजनों को उम्मीद थी कि आठ महीने तक जिंदगी और मौत से जूझ रहे अनिल एक दिन स्वस्थ होकर घर लौटेंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। परिवार का सहारा बनने के लिए विदेश गए अनिल घर लौटे जरूर, लेकिन जिंदा नहीं बल्कि ताबूत में। बाद में रोहिन नदी के चानकी घाट पर गमगीन माहौल में अनिल वर्मा का अंतिम संस्कार किया गया। उनकी असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। परिवार की खुशियों के लिए विदेश गया था अनिल, लेकिन घर लौटा तो ताबूत में।
उत्तर प्रदेश न्यूज हैड कृष्ण कुमार गुप्ता की रिपोर्ट



