कर्मचारियों को भी मिले पुरानी पेंशन, नहीं तो माननीयों की भी हो बंद !
एक राष्ट्र, एक पेंशन की हो व्यवस्था !
उत्तर प्रदेश : गोरखपुर
2 अप्रैल 2026 : एनपीएस दिवस के अवसर पर कर्मचारियों ने काला दिवस के रूप में विरोध दर्ज कराया और “एनपीएस गो बैक” तथा “पुरानी पेंशन बहाल हो” के नारे लगाए। अपरान्ह डिप्लोमा इंजीनियरिंग संघ भवन, लोक निर्माण विभाग, गोरखपुर में आयोजित विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव तथा संचालन महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने किया। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि 1 अप्रैल का दिन कर्मचारी इतिहास में काला दिवस के रूप में याद किया जाता है, क्योंकि वर्ष 2005 में कर्मचारियों से पेंशन का अधिकार छीन लिया गया और जबरन एनपीएस (जिसे कर्मचारी “नो पेंशन स्कीम” कहते हैं) लागू कर दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार या तो पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करे, अन्यथा माननीय जनप्रतिनिधियों और न्यायपालिका को मिलने वाली पेंशन भी बंद कर उन्हें एनपीएस के दायरे में लाया जाए, ताकि वे इसकी वास्तविकता समझ सकें। अन्यथा सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि सरकार श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश, एक संविधान” के आदर्शों पर चलने का दावा करती है, तो अब समय है कि “वन नेशन, वन पेंशन” की व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को यूपीएस और एनपीएस के भ्रम में न रखा जाए, क्योंकि कर्मचारी समाज भली-भांति जानता है कि केवल पुरानी पेंशन ही उसके बुढ़ापे की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों की पेंशन शपथ लेते ही सुरक्षित हो जाती है, जबकि कर्मचारी पूरी सेवा देने के बाद भी असुरक्षित रहता है। इस विरोध प्रदर्शन को पंडित श्याम नारायण शुक्ल, अशोक पांडेय सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में रूपेश कुमार श्रीवास्तव, ई. श्रीनाथ गोविंद, मदन मुरारी शुक्ल, अशोक पांडेय, पंडित श्याम नारायण शुक्ल, अनिल द्विवेदी, अनूप कुमार, राजेश मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव, बंटी श्रीवास्तव, इजहार अली ,महंगु प्रसाद मौर्य, निसार अहमद, बिट्टू मद्धेशिया सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।
तहसील ब्यूरो चीफ कैम्पियरगंज दुष्यंत लाल श्रीवास्तव की रिपोर्ट


